| विवेक शुक्ला
नई दिल्ली, 9 जून, 09
श्रीलंका और ऑस्ट्रेलियाई दूतावास नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में स्थित हैं और एक दूसरे के काफी करीब हैं। लेकिन, मंगलवार को इन दोनों जगहों पर माहौल बिल्कुल अगल-अलग था। सोमवार को कुमार संगाकारा की अगुवाई वाली श्रीलंकाई टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप के लीग मैच में ऑस्ट्रेलिया को 6 विकेट से हरा कर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। ऑस्ट्रेलिया की हार से ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग में एक उदासी और खामोशी छा गई।
वहीं दूसरी ओर, चाणक्य पूरी के कौटिल्य मार्ग पर स्थित 1942 में बनी श्रीलंका उच्चसयोग की बिल्डिंग में त्योहार जैसा माहौल था। ऐसी जानकारी मिली है कि श्रीलंका दूतावास के सभी कर्मचारियों और उनके परिवार ने दूतावास में आकर ही पूरे मैच का लुत्फ उठाया। यहां तक कि दूतावास के कुछ कर्मचारी मैच के दौरान श्रीलंका टीम की जर्सी भी पहने हुए थे। उच्चायुक्त सी. आर. जयासिंघे और फर्स्ट सक्रेटरी एस. पी. ई. पथीराना अपने पूरे पूरे परिवार के साथ मैच के अंत तक मौजूद रहे। जब-जब श्रीलंकाई गेंदबाज किसी ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाज को आउट कर रहे थे, तो दूतावास में मौजूद लोग पूरे उत्साह के साथ खुशी मना रहे थे। और, ताकतवर ऑस्ट्रेलियाई टीम पर श्रीलंका टीम की जीत की खुशी में दुतावास में शानदार डांस पार्टी और रात्रि भोज का आयोजन भी किया गया।
क्रिकखबर डॉट कॉम से बातचीत में श्रीलंका दूतावास के एक उच्च अधिकारी पी आर एस एस गुनारत्ने ने कहा कि भारतीयों की तरह हम भी क्रिकेट के दीवाने हैं। उन्होंने कहा कि जब कभी उनकी टीम कोई टेस्ट मैच या फिर अहम वनडे मैच खेलती है, तो दूतावास में होते हुए भी वे अपने पुराने दिनों में पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा ‘हमें यकीन नहीं था कि हमारे खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया को खेल के हर क्षेत्र में मात दे देंगे। लेकिन ऐसा हुआ। यह हमारे लिए एक महान जीत थी।’
वहीं एक श्रीलंकाई उच्चायोग में काम करने वाले एक भारतीय कार्मचारी ने बताया कि कई श्रीलंकाई कर्मचारी ऑफिस नहीं आए, ऐसा लगता है कि वे अभी भी जश्न के मूड में ही है। श्रीलंकाई दूतावास में दो दर्जन से ज्यादा कर्मचारी हैं।
जाहिर सी बात है कि ऑस्ट्रेलियाई दूतावास में टीम की हार से काफी निराशा का माहौल था। बड़ी मुश्किल से ही कोई कर्मचारी अच्छे और सभ्य तरीके से बात कर रहा था। ऐसा लगता है कि पहले वेस्टइंडीज और फिर श्रीलंका से मिले हार के लगातार दो झटकों ने ऑस्ट्रेलियाई दूतावास के कर्मचारियों का मूड खराब कर दिया था। लगातार प्रयास करने के बाद सूचना विभाग की एक महिला कर्मचारी ने बेहद निराशा के साथ कहा, ‘हमें बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि हमारी टीम इतनी जल्दी टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले टी-20 विश्व कप में उनकी टीम जोरदार वापसी करेगी। वह काफी आशावादी महिला लग रहीं थीं।
अगर श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के दूतावासों में जश्न और उदासी का आलम था, तो नई दिल्ली में पाकिस्तानी दूतावास के 100 से ज्यादा कर्मचारी यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि पहले मैच में खराब प्रदर्शन के बावजूद उनकी टीम सेमीफाइनल तक पहुंचेगी। दिल्ली स्थित एक एक पाकिस्तानी पत्रकार ने कहा कि पाकिस्तानी दूतावास के कर्मचारी आमतौर पर उन मैचों को नहीं देखते जिनमें पाकिस्तान के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति होती है। पाकिस्तानी दूतावास के कर्मचारी पंजाबी और गैर-पंजाबी में बंटे हुए है। |