| बंगलूरु, 17 अक्टूबर 09
'बर्थडे ब्वॉय' अनिल कुंबले की कलाईयों के जादू और रॉस टेलर के तूफानी तेवरों से रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने दिल्ली डेयरडेविल्स का दिल तोड़कर 29 गेंद बाकी रहते आठ विकेट से जोरदार जीत दर्ज की, जिससे चैंपियंस लीग टी-20 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल की दौड़ से सभी भारतीय टीमें बाहर हो गई।
वीरेंद्र सहवाग ने 29 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के की मदद से 47 रन बनाकर डेयरडेविल्स को तेज शुरुआत दिलवाई, लेकिन अपना 39वां जन्मदिन मना रहे कप्तान कुंबले ने इसके बाद 20 रन के एवज में तीन विकेट लेकर टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का अपना फैसला सही साबित किया। रॉयल ने दिल्ली की टीम को छह विकेट पर 138 रन ही बनाने दिए।
रॉयल चैलेंजर्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही, लेकिन कीवी बल्लेबाज टेलर खतरनाक मूड में क्रीज पर उतरे थे। उन्होंने केवल 38 गेंद पर छह चौकों और चार छक्कों की मदद से 65 रन बनाए तथा राहुल द्रविड़ (नाबाद 32) के साथ 93 रन की साझेदारी की। इसके बाद विराट कोहली ने दस गेंद पर 24 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली, जिससे रॉयल चैलेंजर्स ने 15.1 ओवर में ही दो विकेट पर 139 रन बनाकर यह सुनिश्चित किया कि सेमीफाइनल में इंडियन प्रीमियर लीग की कोई टीम नहीं खेलेगी।
रॉयल चैलेंजर्स इससे पहले लीग बी में केप कोबराज की विक्टोरिया बुशरेंजर्स पर जीत से अंतिम चार की दौड़ से बाहर हो गया था। उसके लिए यह मैच महज औपचारिक था जबकि डेयरडेविल्स के लिए जीत जरूरी थी, लेकिन कुंबले की टीम ने उसका सपना तोड़ दिया।
रॉयल चैलेंजर्स के सलामी बल्लेबाज मनीष पांडे को मांसपेशियों में खिंचाव के कारण जल्द ही मैदान छोड़ना पड़ा जबकि रोबिन उथप्पा (9) भी जल्द पैवेलियन लौट गए, जिन्हें डर्क नैनेस की गेंद पर अमित मिश्रा ने कैच किया। लेकिन टेलर तो बस दीवाली मनाने के मूड में एम चिन्नास्वामी स्टेडियम पर उतरे थे। उन्होंने पहले अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा को निशाना बनाया और उनके एक ओवर में तीन चौके जड़े। टेलर जब 18 रन पर थे तब आशीष नेहरा ने बाउंड्री पर उनका कैच नहीं छोड़ा होता तो मैच का पासा पटल सकता था। इसके बाद रजत भाटिया ने भी उन्हें जीवनदान दिया। |