बेंगलूर, 15 अक्टूबर 09
एंड्रयू मैक्डोनाल्ड (21/4) की शानदार गेंदबाजी की मदद से विक्टोरिया ने चैंपियंस लीग में सुपर आठ के मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स को सात विकेट से हरा दिया। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 128 रन के लक्ष्य को 25 गेंद रहते हासिल कर लिया।
विक्टोरिया के लिए डेविड हसी (नाबाद 31) ने 16वें ओवर में चैलेंजर्स के कप्तान अनिल कुंबले की लगातार तीन गेंदों पर छक्का जड़कर अपनी टीम को आसान जीत दिलाई। इनके अलावा राब क्वेनी (29) और ब्रैड हॉज (25) ने भी उपयोगी योगदान दिया। विक्टोरिया ने 15.5 ओवर में तीन विकेट खोकर 133 रन बनाए। इससे पूर्व आईपीएल दो में उपविजेता रही बेंगलूर रायल चैलेंजर्स ने मनीष पांडे के 38 और राहुल द्रविड़ के 33 रन के योगदान की बदौलत 20 ओवर में छह विकेट के नुकसान पर 127 रन बनाए।
आसान लक्ष्य देने के बाद कुंबले ने गेंदबाजी की कमान खुद संभाली लेकिन विक्टोरिया के सलामी बल्लेबाजों क्विेनी और हाज ने कोई झटका लगे बगैर इस ओवर में आठ रन बना लिए। अगले ओवर में प्रवीण ने कसी हुई गेंदबाजी कर सिर्फ दो रन दिए। इसके बाद रनों का सिलसिला चल निकला। तूफानी गेंदबाज डेल स्टेन पर काफी आस थी कि उनकी गेंदबाजी में कोई जोश नहीं था। कुंबले ने लगातार गेंदबाजी में परिवर्तन किए लेकिन पहली सफलता बालचंद्र अखिल ने सातवें ओवर में दिलाई। अखिल ने बेहतरीन गेंद पर हाज को बोल्ड किया। दोनों ने 39 गेंदों में 48 रन की साझेदारी की।
चैलेंजर्स की तरह विक्टोरिया के 50 रन सातवें [6.4 ओवर] ओवर में बने। एडियन ब्लिजार्ड ने क्विेनी का दूसरे विकेट के लिए बखूबी साथ दिया। दूसरी ओर बल्लेबाजों के अलावा गेंदबाजों ने अतिरिक्त के रूप में खूब रन लुटाए। लय से भटकने वाले स्टेन को आखिरकार क्विेनी के रूप में सफलता मिली। क्विेनी को द्रविड़ ने लपका। इसके थोड़ी ही देर में ब्लिजार्ड को वन डर मार्व ने स्टंपिंग कराकर पवेलियन भेज दिया। तीन झटकों के बाद आस्ट्रेलियाई टीम पर कोई खास दबाव नहीं था। शेष बल्लेबाजों ने टीम को लक्ष्य के पास पहुंचा दिया।
इससे पूर्व घरेलू मैदान पर खेल रहे चैलेंजर्स को मनीष ने जैक कालिस की कमी नहीं खलने दी। उन्होंने उथप्पा के साथ पारी की शुरुआत करते हुए शेन शेरवुड के पहले ओवर की आखिरी दो गेंदों पर दो चौके जड़कर अपने तेवर दिखा दिए। फिर दूसरे ओवर में पीटर सिडल की तीसरी और चौथी गेंदों पर चौका जड़ा। दोनों ने आठ रन प्रति ओवर के औसत से रन जोड़े लेकिन 5वें ओवर की चौथे गेंद पर उथप्पा को क्लिंट मैक्के ने अपना शिकार बनाते हुए बोल्ड कर दिया। उथप्पा के आउट होने के बाद भी मनीष के तेवर में कोई कमी नहीं आई। इस बीच टीम ने 40 गेंदों में 50 रन जोड़े।
मनीष [39] को मैक्डोनाल्ड ने अपने ही गेंद पर लपक लिया। मनीष ने 28 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। मनीष के आउट होने के बाद द्रविड़ ने मोर्चा संभाला। लेकिन पिछले मैचों में आतिशी पारी खेलने वाले विराट कोहली जल्द ही छह रन बनाकर मैक्डोनाल्ड की गेंद ब्लिजार्ड के हाथों लपके गए। इसके बाद रास टेलर [2] भी मैक्डोनाल्ड के अगले शिकार बने। टेलर के सस्ते में आउट होने पर टीम को गहरा झटका लगा। टेलर ने पिछले दो मैचों में जोरदार बल्लेबाजी करते हुए सात छक्के जड़े थे और क्रिकेटप्रेमियों में इस मैच में उनसे खासी उम्मीद थी लेकिन वे जल्द आउट हो गए। |