| नई दिल्ली:
विक्टोरिया के लिए क्विने ने शानदार 40 रन बनाए। अपने 33 गेंद की पारी में उन्होंने तीन छक्कों के अलावा चार चौके भी जड़े। कैमरून व्हाइट 22 और एडीन ब्लिजार्ड 15 रन बना कर नाबाद लौटे। विक्टोरिया ने 99 रन का लक्ष्य 16.4 ओवर में तीन विकेट गंवा कर 100 रन पूरा किया। दिल्ली की ओर से अमित मिश्रा, दिलशान और रजत भाटिया को एक-एक विकेट मिला।
इससे पूर्व मैक्के तथा अनुभवी एंड्रयू मैक्डोनाल्ड और शेन हारवुड की शानदार गेंदबाजी से विक्टोरिया ने दिल्ली को 20 ओवर में आठ विकेट पर मात्र 98 रन पर रोक दिया। डेयरडेविल्स के केवल तीन बल्लेबाज मिथुन मन्हास [25], सहवाग [21] और तिलकरत्ने दिलशान [18] ही दोहरे अंक में पहुंचे। आस्ट्रेलियाई टीम की तरफ से मैक्के ने 17 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि मैक्डोनाल्ड और हारवुड ने दो-दो विकेट लिए।
आसान लक्ष्य के आगे विक्टोरिया के सलामी बल्लेबाजों रॉब क्विेनी और ब्राड हाग बेहतरीन शुरुआत देने में सफल रहे। दोनों ने आठवें ओवर में 55 रन जोड़ लिए। गंभीर ने गेंद अमित मिश्रा को सौंपी और इस फैसले को सही साबित करते हुए क्विेनी को बोल्ड कर दिया। इसके दो गेंद के बाद ही दिलशान ने हाज को बोल्ड कर दिल्ली टीम के खेमे में हल्की सी खुशी की लहर पहुंचा दी। लेकिन छोटा लक्ष्य होने के कारण मेहमान टीम को खेलने में परेशानी नहीं हुई। दिल्ली को एक और सफलता रजत भाटिया ने दिलाई। भाटिया ने डेविड हसी को बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। इसके बाद विक्टोरिया को और कोई झटका नहीं लगा। ब्लिलार्ड ने छक्का जड़कर विक्टोरिया को जीत दिलाई।
इससे पूर्व कोटला की पिच पर गेंद नीची रह रही थी जिसका विक्टोरिया की पेस बैटरी ने पूरा फायदा उठाया और दिल्ली के अनुभवी और स्टार बल्लेबाजों को भी एक एक रन के लिए तरसा दिया। कोटला के नए विकेट पर इस मैदान की रग रग से वाकिफ गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग भी नहीं चल पाए और गेंद नीची रहने से उन्हें भी दिक्कत हुई। डेयरडेविल्स की बल्लेबाजी काफी हद तक शीर्ष क्रम पर निर्भर है लेकिन उसके दिग्गज बल्लेबाज टास जीतने का फायदा नहीं उठा पाए। कंधे की चोट के कारण आईपीएल के बाद पहली बार कोई बड़ा टूर्नामेंट खेल रहे सहवाग ने कुछ आकर्षक शाट जरूर लगाए लेकिन 47 रन पर चार विकेट निकल जाने से उसके बल्लेबाज खासे दबाव में आ गए। सहवाग ने हारवुड के पहले ओवर में ही कट और पुल से दो चौके लगाए लेकिन उनकी जगह पर डेयरडेविल्स की कप्तानी संभालने वाले गंभीर कोई जलवा नहीं दिखा पाए। आईसीसी के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाज को हारवुड ने नीची रहती गेंद पर बोल्ड करके दिल्ली को पहला झटका दिया।
दिनेश कार्तिक [6] के तेज रन चुराने के प्रयास में रन आउट होने से दिलशान [26 गेंद पर 18 रन] जैसा मंझा हुआ बल्लेबाज भी दबाव में आ गया। इस श्रीलंकाई बल्लेबाज ने आते ही पीटर सिडल पर दो चौके जमाकर अपने तीखे तेवर दिखाए लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरने से उनका बल्ला भी जंग खा गया। ऐसे में आईसीसी के सर्वश्रेष्ठ टी-20 बल्लेबाज ने आगे बढ़कर खेलने का प्रयास किया लेकिन वह चूक गए और मैक्के की गेंद उनका लेग स्टंप उखाड़ गई।
मन्हास को जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण रनर लेकर खेलना पड़ा, वह कुछ देर तक क्रीज पर टिके रहे लेकिन हारवुड ने दूसरे स्पैल के लिए आते ही पिच की कम उछाल की प्रवृति का फायदा उठाकर उन्हें बोल्ड कर दिया। मन्हास ने 34 गेंद खेली और दो चौके लगाए। दिल्ली का निचला क्रम भी टीम का स्कोर तिहरे अंक में नहीं पहुंचा पाया। |