| मुंबई: 31 अगस्त 09
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इंडियन प्रीमियर लीग की आयोजन कंपनी इंटरनेशनल मैनेजमेंट ग्रुप (आईएमजी) को 33 करोड़ रुपए देगा। यह रकम इस साल के इंडियन प्रीमियर लीग के लिए दिए जाएंगे। बीसीसीआई के सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। बीसीसीआई ने रविवार को इस खेल इवेंट मैनेजमेंट कंपनी की सेवाएं समाप्त कर दी थीं। लेकिन, सूत्रों की मानें तो साल 2009 के लिए बकाया राशि करीब 33 करोड़ रुपए अभी बाकी हैं। आईएमजी से रिश्ते समाप्त करने का फैसला बोर्ड ने 13 अगस्त को मुंबई में हुई कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। यह फैसला कार्यकारी समिति द्वारा लिया गया क्योंकि सदस्यों को लगा कि खेल प्रबंधन संस्था बीसीसीआई से ज्यादा पैसा ले रही है।
बोर्ड सचिव एन श्रीनिवासन श्रीनिवासन ने आईएमजी को पत्र लिखकर बोर्ड के फैसले की जानकारी दे दी थी। बोर्ड की ओर से कंपनी को खत लिखकर बता दिया गया था कि आईपीएल के आयोजन के लिए भविष्य में उसकी सेवाएं नहीं ली जाएंगी। उन्होंने पत्र में कहा है कि बीसीसीआई ने शुरू में कंपनी से आईपीएल के पहले सीजन के लिए नाता जोड़ा था, जिसके लिए कंपनी को 42.92 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
बीसीसीआई को अपने मान्यता प्राप्त 25 संघों को करीब आठ-आठ करोड़ रुपए देने हैं। सूत्रों ने कहा कि बीसीसीआई और आईएमजी के बीच किसी तरह का कोई अधिकारिक अनुबंध नहीं हुआ था। जब से पूछा गया कि क्या आईएमजी की सेवाएं समाप्त करने पर आईपीएल के आयोजन पर किसी तरह का कोई असर पड़ेगा। तो , उन्होंने कहा कि हमारे पास इसके उचित आयोजन के लिए लोग मौजूद हैं। आईपीएल की संचालन संस्था दो सितंबर को मुंबई में बैठक कर आईपीएल-2 के खातों पर बातचीत करेगी। |